भारत फाउंडेशन जनसेवा के हर अभियान में बना लोगों की उम्मीद – पटना ।
देशभर में सामाजिक परिवर्तन की मजबूत ताकत बनकर उभरा सुनहरा भारत फाउंडेशन

रवि रंजन ।
पटना : समाज सेवा, जनजागरूकता और सामाजिक विकास के क्षेत्र में तेजी से अपनी राष्ट्रीय पहचान बना रहा सुनहरा भारत फाउंडेशन आज देश के कई राज्यों में बड़े स्तर पर जनकल्याणकारी अभियान चला रहा है। संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति संवर्धन, पर्यटन विकास, युवा जागरूकता, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास और जनहित से जुड़े अनेक अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल सहायता पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज में स्थायी परिवर्तन और नई सोच विकसित करना है।

बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संस्था लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था के अभियानों का प्रभाव अब हजारों गांवों और लाखों लोगों तक पहुंच चुका है। सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर संस्था द्वारा बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में संस्था का “हरित भारत जनआंदोलन” लगातार चर्चा में है। इस अभियान के तहत हजारों पौधे लगाकर लोगों को प्रकृति संरक्षण, जल बचाव और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, पौधारोपण कार्यक्रम और पर्यावरण जागरूकता रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। संस्था का लक्ष्य आने वाले वर्षों में लाखों पौधे लगाने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का है।

भारतीय कला, लोकसंस्कृति और पारंपरिक विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए संस्था ने कई बड़े सांस्कृतिक आयोजनों की शुरुआत की है। पटना, रांची, मुंबई और अन्य शहरों में आयोजित “राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति महोत्सव” में देश की विभिन्न लोक संस्कृतियों की भव्य प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। भोजपुरी, मैथिली, मगही, राजस्थानी और आदिवासी कला को मंच देकर संस्था ने लोक कलाकारों को नई पहचान और सम्मान दिलाने का कार्य किया है। आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे कलाकारों को सहयोग देकर संस्था ने सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
पर्यटन और विरासत संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए संस्था द्वारा “भारत विरासत एवं पर्यटन जागरूकता अभियान” चलाया जा रहा है। बोधगया, राजगीर, नालंदा और कई ऐतिहासिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां युवाओं और स्थानीय लोगों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया गया। स्थानीय युवाओं को पर्यटन और गाइड प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की पहल भी की जा रही है।
सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में संस्था की IEC गतिविधियां लगातार प्रभाव छोड़ रही हैं। नुक्कड़ नाटक, जनसंवाद, पोस्टर अभियान, डॉक्यूमेंट्री फिल्म और डिजिटल मीडिया कैंपेन के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा, सामाजिक कुरीतियों और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संस्था द्वारा कई जिलों में सामुदायिक विकास शिविर और जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के लिए संस्था विशेष युवा नेतृत्व अभियान भी चला रही है। इसके तहत युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक विकास से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण और प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा संस्था से जुड़कर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
संस्था के संस्थापक किस्सू राहुल ने कहा कि सुनहरा भारत फाउंडेशन का उद्देश्य केवल संस्था चलाना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक विकास, जागरूकता और सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्था देशभर में और बड़े स्तर पर अभियान चलाकर सामाजिक परिवर्तन की नई मिसाल कायम करेगी।



