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दलित शिक्षक को नहीं मिल रहा प्रोन्नति का लाभ – नवादा |

रवीन्द्र नाथ भैया |

जिले के नारदीगंज प्रखंड राजकीय मध्य विद्यालय कहुआरा के सेवानिवृत्त शिक्षक कौशलेन्द्र कुमार ने
आवेदन पत्र देकर स्नातक कला में प्रोन्नति देने की मांग अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग पटना, डीएम,जिला शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना )से किया है। बताया जाता है कि 28 फरवरी 2015 को राजकीय मध्य विद्यालय कहुआरा से सेवानिवृत्त हुआ और उच्च न्यायालय पटना सीडब्ल्यूजेसी संख्या 2563/2009 दिनांक 12 जुलाई 2011 के पारित आदेश के आलोक में उत्क्रमित मध्य विद्यालय फ़लडु में स्नातक कला के पद पर प्रोन्नति किया गया था,जिसका वेतनमान 9300/34800 ग्रेड पे 4600 में प्रोन्नति दी गई थी। इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी,( स्थापना)नवादा के कार्यालय पत्रांक 1129 दिनांक 8 अप्रैल 2013 ने उच्च न्यायालय, पटना के आदेश पर तत्काल प्रभाव से स्नातक कला के रिक्त पद पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय फ़लडु में प्रोन्नति दी गई ।
आदेशानुसार उत्क्रमित मध्य विद्यालय फ़लडु में योगदान भी दिया ,लेकिन इसी बीच जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), नवादा के कार्यालय पत्रांक 2971 दिनांक 4 अक्टूबर 2013 के आदेशानुसार उन्हें अवनीत करते हुए मध्य विद्यालय कहुआरा में मैट्रिक प्रशिक्षित पद पर वापस किया गया।
कहा गया कि एलपीए-476/2013 में कौशलेन्द्र कुमार बनाम बिहार सरकार में दिनांक 22 अगस्त 2019 के पारित आदेश के आलोक में अवनीत किया गया है।
जिसमें शिक्षक कौशलेन्द्र कुमार का डिग्री सहित्यालंकार (हिंदी विद्यापीठ, देवधर) को अवैध करार किया गया था।कहा गया इसी बीच कुछ शिक्षकों के माध्यम से उच्च न्यायालय में सीडब्ल्यूजेसी संख्या 4358/2010 में सहित्यालंकार डिग्री वैधता के लिए दायर किया,तब उच्च न्यायालय ने 23 सितंबर 2019 को उस डिग्री को वैध करार किया।फैसला के आलोक में उप सचिव, बिहार (पटना) का पत्रांक 883 दिनांक 16 जून 2020 को उन सभी शिक्षकों को पुनः सम्बंधित विद्यालय में नियुक्ति की गई।
सभी शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित मामला जिला परिषद, नवादा के पत्रांक 298/दिनांक 4 अप्रैल 2020 में भी स्पष्ट है। कहा गया उपसचिव ,पटना के पत्रांक 883 दिनांक 16 जून 20 में दिए गए फैसले के अनुसार उन सभी शिक्षकों के नाम के सामने अंकित विद्यालय में पुनः नियोजन किया गया है। औऱ जिला पार्षद नवादा के पत्रांक 298 दिनांक 4 अप्रैल 20 में भी स्पष्ट है, ऐसे हालत में मुझे भी साहित्य अलंकार (देवघर) की डिग्री पर मुझे भी प्रोन्नति का लाभ दिया जाय।
कहा कि अवर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग पटना के पत्रांक 111/C दिनांक 18 मई 22 में स्पष्ट निर्देश है कि उच्च न्यायालय द्वारा जो भी आदेश दिया गया है उसे 15 जून 22 तक न्यायालय के आदेश को निष्पादित की जाय। ऐसे में उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार प्रोन्नति का लाभ दिया जाय। ताकि उच्च न्यायालय की गरिमा बनी रहें।

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