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उदासी और खालीपन का आत्ममंथन है “डेढ इ़च उपर” – पटना ।

3 स्वप्निल और स्मृतिपरक संसार में जीना दिखाता है "डेढ इंच उपर"

रवि रंजन ।

राजधानी पटना की प्रमुख नाट्य संस्था विश्वा, पटना जो पिछले 15 वर्षों से रंगकर्म के क्षेत्र में सक्रिय है,
तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव ‘विश्वोत्सव 2025-26’ का आयोजन कर रही है। जिसमे आज 25 फरवरी को संध्या 6:30 बजे, इमेजिनेशन स्कूल ऑफ़ ड्रामा एंड फिल्म मेकिंग, ई1, देश रतन पथ, SBI ऑफिसर्स कॉलोनी, कंकड़बाग़, विजय नगर, पटना, में निर्मल वर्मा लिखित नाटक “डेढ़ इंच ऊपर “ की प्रस्तुति की गई, जिसका निर्देशन राजेश राजा ने किया है।कहानी का शीर्षक “डेढ़ इंच ऊपर” प्रतीकात्मक है। यह उस सूक्ष्म दूरी को दर्शाता है जो व्यक्ति और उसके वास्तविक जीवन के बीच आ जाती है ,जैसे वह ज़मीन से “डेढ़ इंच ऊपर” तैर रहा हो। यानी वह पूरी तरह वास्तविकता से जुड़ा नहीं है, बल्कि एक मानसिक, स्वप्निल या स्मृतिपरक संसार में जी रहा है।मुख्य पात्र का अकेलापन इतना गहरा है कि वह अपने ही अस्तित्व को प्रश्नों के घेरे में देखता है। उसे लगता है कि वह जीवन को सीधे नहीं, बल्कि थोड़ी दूरी से देख रहा है। इस दूरी में एक अजीब-सी उदासी, खालीपन और आत्ममंथन है।


मंच पर राजेश राजा जबकि मंच परे -प्रकाश परिकल्पना : राजीव रॉय पार्श्व ध्वनि : राहुल आर्यनरूप सज्जा : आदिल रशीद/आदित्य
वस्त्र विन्यास : पंकज कुमार मंच निर्माण : सुनील जी पूर्वाभ्यास प्रभारी : शशांक शेखर एवं अभिषेक मेहताप्रस्तुति : विश्वा, पटना
लेखक : निर्मल वर्मा निर्देशन : राजेश नाथ राम ने किया है।अंत में इमेजिनेशन पटना एवं कुंदन कुमार को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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