स्वच्छ वातावरण के लिए प्रत्येक मनुष्य को जीवन में कम से कम एक पौधा लगाना आवश्यक – पश्चिम चंपारण |
नगर निगम बेतिया के ब्रांड एंबेसडरो ने आम जनमानस की अपील

स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की रोकथाम, पॉलिथीन, सिंगल यूज प्लास्टिक के बर्तनों के बहिष्कार, बाल मजदूरी, सीमा पार बाल व्यापार, बाल विवाह एवं विभिन्न सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति के लिए छात्र छात्राओं ने लिया संकल्प
बेतिया। सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन, निगम निगम बेतिया, राज संपोषित बालिका मध्य विद्यालय एवं समाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वधान में में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं छात्र छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर सर्वप्रथम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी, चंपारण के विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक शाहीन परवीन, ब्रांड एंबेसडर स्वच्छ भारत मिशन सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ0 एजाज अहमद अधिवक्ता , पश्चिम चंपारण जिला की स्थापना में अतुल्य योगदान देने वाले विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बेतिया पश्चिम चंपारण जिले के इतिहास पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ब्रांड एंबेसडर स्वच्छ भारत मिशन सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ0 एजाज अहमद ने कहा कि आज ही के दिन आज से 51 वर्ष पूर्व 01 दिसंबर 1971 को बिहार के तिरहुत प्रमंडल के चंपारण को पश्चिम चंपारण एवं पूर्वी चंपारण में नए जिले के रूप में स्थापित किया गया। 02 नवंबर 1972 को जिले को विस्तृत रूप प्रदान की गई। पश्चिम चंपारण एवं पूर्वी चंपारण जिला अस्तित्व में आ गया। लेकिन मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने में लगभग 5 वर्ष लग गए और 1976 में पूर्ण रूप से कार्य करना आरंभ कर दिया ।
इस अवसर पर एजाज अहमद ने कहा कि चंपा के पेड़ों जंगलों एवं प्राकृतिक सुंदरता से आच्छादित है बेतिया पश्चिम चंपारण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाकाव्य काल में एवं पुराण में वर्णित है कि यहां के राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव ने चंपारण की धरती पर ज्ञान प्राप्त किया था। इस अवसर पर महर्षि बाल्मीकि, माता सीता, महात्मा गौतम बुद्ध, सम्राट अशोक, राजा जनक, गयासुद्दीन ऐबक, महाराजा हरेंद्र किशोर सिंह, महारानी जानकी कुंवर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी, आचार्य कृपलानी, बतख मियां, शेख गुलाब, शेख शेर मोहम्मद, प्रजापति मिश्र, पीर मोहम्मद मुनीश, अकलु देवान, केदार पांडे जैसे अनेक विभूतियों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की ।
स्वच्छ भारत भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर डॉ0 एजाज अहमद, डॉ0 नीरज गुप्ता, राज संपोषित कन्या मध्य विद्यालय की प्राचार्य प्राचार्य सुधा कुमारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शंभू शरण शुक्ल ने कहा कि स्वच्छ वातावरण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मनुष्य कोजीवन में कम से कम एक पौधा लगाना आवश्यक है। इस अवसर पर नगर निगम बेतिया एवं सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन द्वारा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुधा कुमारी प्रधानाध्यापिका सोनी दुबे, कुमारी नंदा, माहे खातून सबा परवीन सबा परवीन एवं पूणिशो कुमारी एवं अन्य गणमान्य लोगों को खादी के अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सरकार से मांग करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बेतिया पश्चिम चंपारण में देश का पहला भोजपुरी 2022 विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय संग्रहालय की स्थापना की जाए ताकि सत्याग्रह की जन्मस्थली बेतिया पश्चिम चंपारण में शिक्षा की रोशनी नई पीढ़ी तक आसानी से पहुंच सके। इस अवसर पर बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के शोधार्थी शाहनवाज अली एवं डॉ0 अमित लोहिया ने कहा कि हमें संकल्प लेने की आवश्यकता है कि प्लास्टिक के बर्तनों के इस्तेमाल से कैंसर जैसे अनेक घातक बीमारी फैलने से रोका जा सके।
प्लास्टिक के बर्तनों के इस्तेमाल से प्लास्टिक के कण हमारे शरीर में आसानी से प्रवेश कर रहे हैं। जिनसे कैंसर जैसे घातक बीमारी आम हो गई है। इसे रोकना हम सबकी जिम्मेवारी है, ताकि स्वास्थ्य समाज के साथ ही स्वास्थ्य राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं छात्र छात्राओं को प्लास्टिक के बर्तनों के इस्तेमाल से मुक्ति एवं अनेक सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति के लिए संकल्प दिलाया गया।