डीएम ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का किया आयोजन – नवादा |

जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में समाज कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की शुरुआत जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) निरुपमा शंकर द्वारा आईसीडीएस योजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने के साथ हुई। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर मूलभूत आवश्यकताओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया।समीक्षा क्रम में डीपीओ, आईसीडीएस द्वारा बताया गया कि कुल 75 प्रतिशत लाभुकों को टीएचआर का वितरण पोषण ट्रैकर के FRS के माध्यम से किया गया है। कम उपलब्धि के संबंध में पूछताछ किए जाने पर बताया गया कि चावल उठाव में विलंब के कारण केंद्रों पर टीएचआर का वितरण दिनांक 29 दिसंबर 2025 को किया गया, जिससे उपलब्धि प्रभावित हुई। इस पर डीएम, एसएफसी द्वारा अवगत कराया गया कि अक्टूबर–दिसंबर तिमाही के लिए आरओ नवंबर माह में विभाग से प्राप्त हुआ था, वहीं कुछ ट्रांसपोर्टर संबंधी समस्याओं के कारण भी विलंब हुआ।
आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि कुल 60 केंद्रों के लिए निर्माण की स्वीकृति विभाग से प्राप्त है। जिला पदाधिकारी ने इन केंद्रों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) को अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी लक्ष्य प्राप्ति हेतु समयबद्ध एवं समन्वित प्रयास करना सुनिश्चित करें।इसके पश्चात सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि विगत समीक्षा के पश्चात पेंशन एवं गैर-पेंशन योजनाओं की प्रगति में सुधार हुआ है, किंतु बीपीएल परिवारों से संबंधित योजनाओं में लक्ष्य प्राप्ति हेतु और अधिक तीव्र गति से कार्य करने की आवश्यकता है।
इस क्रम में जिला पदाधिकारी ने प्रभारी सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को निर्देश दिया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित कराएं तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई करें।
बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग अंतर्गत संचालित परवरिश योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, संबल योजना एवं यूडीआईडी परियोजना आदि की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
परवरिश योजना के अंतर्गत लाभुकों की संख्या बढ़ाने हेतु सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग को निर्देशित किया गया कि वे प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के माध्यम से पंचायत एवं ग्राम स्तर पर कर्मियों द्वारा अनाथ एवं पात्र बच्चों का सर्वेक्षण कराते हुए पात्रता के अनुसार आवेदन सृजित कराएं।साथ ही, वृहद आश्रय गृह में होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु जिला पदाधिकारी द्वारा आवश्यक निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त निलिमा साहु, प्रभारी सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, अमरनाथ कुमार, सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग रितेश कुमार, डीपीओ (मनरेगा) विकेस कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



