BlogLife StyleState

व्हीलचेयर डोनेशन ड्राइव : “नई शुरुआत” के साथ सेंट माइकल्स का ऐतिहासिक मानवीय कदम – पटना ।

प्राचार्य फादर ए. क्रिस्टु सवारिराजन एस.जे. के प्रेरक नेतृत्व में सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुपम उदाहरण

रवि रंजन ।
सेंट माइकल्स हाई स्कूल, दीघा घाट, पटना ने अपने इतिहास में पहली बार समाजसेवा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए “व्हीलचेयर डोनेशन ड्राइव – ए न्यू स्टार्ट” का सफल आयोजन किया। यह आयोजन विद्यालय के आदरणीय प्राचार्य रेवरेन्ड फादर ए. क्रिस्टु सवारिराजन एस.जे. के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और दूरदर्शी नेतृत्व में संपन्न हुआ।

मानवता की सेवा को सर्वोच्च धर्म मानते हुए आयोजित इस अभियान ने यह सिद्ध कर दिया कि शिक्षा केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता भी उसका अभिन्न अंग है। मदर टेरेसा के शब्द—
“हम सभी बड़े कार्य नहीं कर सकते, लेकिन छोटे कार्यों को बड़े प्रेम से कर सकते हैं”—इस आयोजन की आत्मा बने रहे।

इस अभियान का कुशल संचालन सोशल इनिशिएटिव क्लब के शिक्षक-प्रभारी श्री एस. पी. जोस, श्रीमती कृतिका एवं श्री पंकज सिंह के नेतृत्व में किया गया। क्लब के पदाधिकारियों— परोक्श रंजन बोस (अध्यक्ष), आशीष रंजन (सचिव), वैष्णवी सिन्हा (कोषाध्यक्ष), अलीशबा नासिर एवं अविका श्री (संयुक्त सचिव) तथा संकल्प कुमार (संयुक्त कोषाध्यक्ष)—ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए इस अभियान को सफल बनाया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं दिव्यांगजनों को आवश्यक गतिशीलता सहायता प्रदान कर उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आशा का संचार करना था। विद्यालय द्वारा कुल पांच वयस्क ट्राइसाइकिल (2 मैनुअल एवं 3 इलेक्ट्रिकल) वितरित की गईं। लाभार्थियों में शामिल थे—
श्री सोनू कुमार, श्री बसीर अहमद, श्री विजय साव एवं श्री सुखल राम।

विद्यार्थियों ने स्वैच्छिक दान के साथ-साथ अपने घरों और आसपास से पुराने समाचार पत्र एकत्र कर इस सामाजिक अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। इन सामूहिक प्रयासों से विद्यालय ने कुल दो लाख रुपये की राशि एकत्र की। इस राशि से उच्च गुणवत्ता वाली ट्राइसाइकिल खरीदी गईं, जिससे लाभार्थियों को दीर्घकालीन सुविधा सुनिश्चित हो सके।

अपने संबोधन में प्राचार्य फादर ए. क्रिस्टु सवारिराजन एस.जे. ने कहा कि “मानवता की सेवा ही सच्ची शिक्षा है। जब विद्यार्थी करुणा और सेवा-भाव को अपने जीवन में उतारते हैं, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है।” उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि जो लोग मानवता की सेवा करते हैं, वे समाज के स्वर्णिम पात्र में सितारों के समान स्थान पाते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता और शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए विद्यालय के आदर्श वाक्य “For God and Country” (ईश्वर और देश के लिए) को जीवन में उतारने का आह्वान किया।

यह आयोजन केवल भौतिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का संदेश देने वाला प्रेरक अध्याय बन गया। सेंट माइकल्स परिवार के लिए यह एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसने विद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

अंत में मदर टेरेसा के शब्द पुनः स्मरण हो उठते हैं—
“हम कितना देते हैं यह महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि देने में कितना प्रेम है, यही सबसे अधिक मायने रखता है।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button