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आरा की बहु अमरीन खान दिल्ली में आयोजित MSME की बैठक में हुईं शामिल – नई दिल्ली ।

MSME के उत्पादों पर मेड इन इंडिया की जगह मेड इन भारत लिखने का दिया सुझाव

रवि रंजन ।

 नई दिल्ली स्थित डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में केंद्रीय मंत्री जीतन राम माँझी की अध्यक्षता में आयोजित हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में आरा की हिन्दी साहित्यकार अमरीन रिजवान भी शामिल हुई।
गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित इस बैठक में डॉ अमरीन खान ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन एवं जन-जन के हृदय में हिंदी के प्रति आत्मीयता और गौरव की भावना जागृत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सुझाव दिया तथा मंत्रालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक “उद्यमी मित्र” एवं “उद्यम प्रभा” पुस्तक के विमोचन में भी भाग लिया।


बैठक में माननीय मंत्री जीतन राम मांझी जी ने यह सुझाव दिया कि हिंदी सलाहकार समिति जैसी बैठकों का आयोजन जिला स्तर तक पर भी किया जाना चाहिए ताकि हिंदी के प्रति प्रेम, सम्मान और अपनत्व की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाया जा सके।
उक्त अवसर पर हिन्दी सलाहकार समिति की सदस्य डॉ अमरीन खान ने केन्द्रीय मंत्री जीतन राम माँझी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के द्वारा स्थापित ईकाईयों ने देश की अर्थव्यवस्था को जो गति प्रदान की है वह अद्वितीय है।
एम.एस.एम.ई मंत्रालय के अधीन कई ऐसी इकाईयों हैं जिनके उत्पाद ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अपनी अलग पहचान बना रखी है।


मुझे ही नहीं विदेशों में रह रहें हर भारतीयों को ख़ुशी होती है जब वह लंदन से लेकर अमेरिका और दुबई से लेकर ईरान तक के बाजारों में “मेड इन इंडिया” लिखे उत्पादों की ना केवल भारी मात्रा में बिक्री होती है बल्कि वहां के लोगों के बीच हमारे उत्पाद को काफ़ी पसंद किया जा रहा है।
अमरीन खान ने कहा कि चाहे बात हमारे खादी के उत्पाद की हो या फिर उत्तर प्रदेश में चल रहे “एक जिला एक उत्पाद” की ।
हमारे देश में बनने वाली सामग्रियां वैश्विक मंच पर पसंद की जा रही हैं।
एक तरफ़ जहाँ वैश्विक स्तर पर हमारे उत्पाद को लेकर जहाँ हम गर्व महसूस करते हैं वहीं जब उस उत्पाद के उपर मेज इन इंडिया शब्द देखतें हैं तो थोड़ी मायूसी ज़रूर होती है।
मेड इन इंडिया क्यों?
मेड इन भारत क्यों नहीं?
अमरीन ने आग्रह करते हुए कहा कि कम से कम हमारे MSME मंत्रालय की इकाईयों को निर्देशित किया जाए कि वह अपने उत्पाद में मेड इन इंडिया की जगह मेड इन भारत का उपयोग करें।
मंत्रालय के माननीय मंत्री अभिभावक जीतन राम माँझी साहब ने उनकी मांग को सार्थक बताते हुए आश्वासन दिया कि वह उक्त मामले को लेकर प्रधानमंत्री जी से बात करेंगें और उसपर कारवाई की जाएगी।
बैठक में कोने राज्य मंत्री शोभा किरंजले,MSME मंत्रालय के सचिव भरत खेड़ा सहित कई सांसद उपस्थित थें।

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