पटना में ब्राह्मण समाज का ‘मौन संकल्प’, 15 सूत्री मांगों के साथ अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी की उठी आवाज – पटना ।

धमदाहा/पटना। अधिकार, सम्मान और सामाजिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर ब्राह्मण समाज ने पटना में अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। देशभर में ब्राह्मण समाज को लेकर की जा रही कथित अमर्यादित टिप्पणियों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच मिलर हाईस्कूल मैदान में ‘मौन संकल्प पदयात्रा’ का आयोजन किया गया। लोक मंच की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग जुटे और 15 सूत्री मांगों के जरिए अपनी बात रखी।

कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के अधिकार, सम्मान, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। आयोजन के माध्यम से समाज को संगठित करने और अपनी मांगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
लोक मंच के संस्थापक आशीष बब्बू ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने भारतीय सभ्यता, ज्ञान, सनातन संस्कृति, वेदों, शास्त्रों और परंपराओं के संरक्षण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक समाज के अनेक लोगों ने अपना योगदान दिया है। इसके बावजूद पूरे समाज को निशाना बनाकर अपमानजनक टिप्पणियां करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज को सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
15 सूत्री मांगों में कल्याण बोर्ड और राजनीतिक भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन, समाज का सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण कराने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने और भूमि से जुड़े मामलों का समाधान करने जैसी मांगें उठाई गईं। आयोजकों ने कहा कि इन मांगों का उद्देश्य समाज के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है।
किसी समुदाय के विरोध में नहीं, सम्मान की मांग
आयोजन के दौरान यह संदेश देने की कोशिश की गई कि ब्राह्मण समाज की यह पहल किसी दूसरे समुदाय के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य अपने अधिकार, सम्मान और सामाजिक भागीदारी को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना है। आयोजकों ने सामाजिक सद्भाव बनाए रखते हुए अपनी मांगों को मजबूती से सामने रखने की बात कही।
गांवों की चौपाल से मचान तक कार्यक्रम की चर्चा
पटना में आयोजित मौन संकल्प कार्यक्रम की चर्चा अब गांवों तक पहुंच रही है। स्थानीय बुजुर्गों और समाज के लोगों ने इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उनका कहना है कि समाज की समस्याओं और मांगों को संगठित तरीके से सामने लाने के लिए एकजुटता जरूरी है।
उदय कांत झा, रविंद्र नाथ ठाकुर, नवीन झा, दीनानाथ झा, बिंदु झा, अशोक चौधरी, भावेश कांत झा और अभय कांत झा सहित कई लोगों के बीच भी इस आयोजन को लेकर चर्चा हुई। गांवों में चौपालों, मचान और ताश खेलने के दौरान भी लोग पटना में हुए कार्यक्रम पर अपनी राय रखते नजर आए।
फिलहाल, लोक मंच की इस पहल को समाज के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को एक मंच पर लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अब इन 15 सूत्री मांगों पर सरकार और संबंधित पक्षों की क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर समाज के लोगों की नजर रहेगी ।



