देश-विदेश में जीकेसी के सदस्यता अभियान को मिला व्यापक समर्थन, अब 30 नवंबर तक जुड़ने का मौका

रवि रंजन।
कायस्थ समाज की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए बढ़ाई गई अभियान की समय-सीमा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीलेश रंजन ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का जताया आभार
पटना : ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) की ओर से चलाए जा रहे विशेष सदस्यता अभियान को देश-विदेश में मिल रहे सकारात्मक प्रतिसाद के बाद संगठन ने इसकी अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है। दो अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक निर्धारित इस अभियान को अब 30 नवंबर तक विस्तारित कर दिया गया है। संगठन का उद्देश्य अधिक से अधिक कायस्थ परिवारों को एक साझा मंच से जोड़ना और सामाजिक एकजुटता को नई दिशा देना है।
जीकेसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह राष्ट्रीय सदस्यता अभियान प्रभारी नीलेश रंजन ने बताया कि अभियान के शुरुआती एक महीने में बड़ी संख्या में लोगों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की है। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों में रह रहे कायस्थ समाज के लोगों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। युवाओं, महिलाओं, पेशेवरों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय लोगों की भागीदारी से अभियान को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के मार्गदर्शन और नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य कायस्थ समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर उन्हें संगठन की गतिविधियों से जोड़ना है। समाज की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि लोग सामूहिक प्रयासों और सामाजिक सहभागिता के लिए आगे आ रहे हैं।
नीलेश रंजन ने अभियान को सफल बनाने में जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन के सहयोग, मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रागिनी रंजन के सक्रिय सहयोग से संगठन की गतिविधियों को गति मिली है और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने में सहायता मिली है।
उन्होंने सदस्यता अभियान में जुटे राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा समाज के लोगों के प्रति भी आभार जताया। उनके अनुसार, किसी भी संगठन की वास्तविक ताकत उसकी सामूहिक भागीदारी और सदस्यों के सहयोग से बनती है।
नई पीढ़ी को जोड़ने पर जोर
नीलेश रंजन ने कहा कि जीकेसी महज एक संगठन नहीं, बल्कि कायस्थ समाज की एकजुटता, सामाजिक सहभागिता और सामूहिक विकास का साझा मंच है। संगठन का प्रयास है कि समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंच बनाई जाए। खासकर नई पीढ़ी को अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ते हुए रचनात्मक गतिविधियों में सहभागी बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि सदस्यता अभियान की विस्तारित अवधि के दौरान राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला इकाइयों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को और सक्रियता से काम करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए संगठन की पहुंच को व्यापक बनाने और अधिक से अधिक लोगों तक जीकेसी का संदेश पहुंचाने पर जोर रहेगा।
अंत में उन्होंने कायस्थ समाज के लोगों से अपील की कि वे 30 नवंबर तक चलने वाले इस विशेष सदस्यता अभियान से जुड़कर संगठन को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि विस्तारित अवधि में बड़ी संख्या में नए सदस्य जीकेसी से जुड़ेंगे और संगठन का जनाधार और व्यापक होगा।



