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नगर निगम के करोड़ों की योजनाओं में ठेकेदारों द्वारा जमा फर्जी बैंक एफडी में लाखों का फर्जीवाड़ा: गरिमा देवी सिकारिया – बेतिया |

विश्वस्त और जानकार आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर महापौर ने किया है वर्षों से जारी बड़े पैमाने पर जालसाजी का भांडाफोड़,

नगर आयुक्त को विस्तृत पत्र लिखकर महापौर ने दिया है नगर निगम में जमा बीते पांच साल के बैंक एफडी की उच्च स्तरीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश,

प्रशासनिक जांच पूरी होने तक संबंधित करोड़ों की योजनाओं में संवेदको द्वारा बैंक गारंटी के रूप में नियमानुसार फिक्स्ड डिपॉजिट जमा करने की जगह निगम कार्यालय में जमा फर्जी बैंक एफडी के रिलीज करने पर महापौर के स्तर से लगा दी गई है रोक,

बेतिया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने नगर निगम के करोड़ों की विकास योजनाओं को लेने में संवेदक ठेकेदारों के द्वारा गारंटी मनी के रूप में जमा कराए गए बैंक एफडी में बड़े पैमाने पर लाखों के फर्जीवाड़ा का खुलासा किया है। विश्वस्त आधिकारिक सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के आधार पर इसका भंडाफोड़ करते हुए महापौर श्रीमती सिकारिया ने नगर आयुक्त लक्ष्मण तिवारी को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ महापौर श्रीमती सिकारिया ने बीते पांच साल में दर्जनों संवेदक ठेकेदारों द्वारा नगर निगम कार्यालय में जमा कराए गए सभी बैंक एफडी की भी संबंधित बैंकों के माध्यम से गंभीरता पूर्वक जांच का भी आदेश जारी किया है। महापौर ने अपने संबंधित पत्र में स्पष्ट किया है कि नगर निगम की विभिन्न विकास योजनाओं के आवंटन में संबंधित संवेदकों द्वारा बैंक गारंटी के रूप में नियमानुसार ‘फिक्स डिपोजिट’ जमा करने की जगह फर्जी बैंक एफडी जमा किए होने की जानकारी उनको आधिकारिक सूत्रों ने दी है। जिसके अनुसार नगर निगम के करोड़ों की विकास योजनाओं के आवंटन में संबंधित संवेदकों द्वारा बैंक गारंटी के रूप में नियमानुसार ‘फिक्स डिपोजिट’ जमा करने की जगह बैंक एफडी के फर्जी कागजात जमा किए गए हैं। महापौर ने बताया कि मुझे यह भी ज्ञात हुआ है कि कुछेक बैंक के द्वारा कुछेक संवेदकों के फर्जी एफडी जमा करने का सत्यापन प्रमाण पत्र भी नगर निगम कार्यालय को उपलब्ध कराया गया है। इसको लेकर महापौर ने बताया कि संबंधित संवेदकों द्वारा नगर निगम प्रशासन से की गई लाखों की धोखाधड़ी के इस गंभीर मामले को लेकर भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु नगर आयुक्त लक्ष्मण तिवारी को लिखा है। इसके साथ ही महापौर श्रीमती सिकारिया द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि बीते पांच साल की विकास योजनाओं के आवंटन के क्रम में संबंधित सभी संवेदकों द्वारा बैंक गारंटी के रूप जमा एफडी की जांच कराना सुनिश्चित किया जाए। संबंधित सभी बैंक एफडी की जांच होने तक सभी संवेदकों का एफडी की वापसी पर रोक सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही महापौर के द्वारा लिखा गया कि बैंकों द्वारा फर्जी एफडी के उपलब्ध कराए गए प्रतिवेदन की प्रति मुझे उपलब्ध कराने के साथ ही अब तक हुई और होने वाली कार्रवाई का एक अद्यतन प्रतिवेदन भी मुझे उपलब्ध कराया जाने का निर्देश दिया है। इसके बाबत महापौर ने बताया कि योजनाओं का कार्यादेश से पूर्व बैंक गारंटी के रूप में राष्ट्रीय बचत पत्र या बैंकों के जमा समतुल्य एफडी का मूल कागजात जमा कराने का प्रावधान है। एफडी के मूल कागजात निगम में जमा करने की जगह फर्जी एफडी के कागजात जमा करने की धोखाधड़ी नगर निगम के साथ ही राष्ट्रीय हित की भी धोखाधड़ी है।

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