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नवादा- जमुई पथ के जम्हड़िया पुल पर वाहनों की एंट्री बैन, प्रशासन का सख्त आदेश, नहीं माने तो होगी कार्रवाई – नवादा |

नवादा- जमुई पथ के जम्हड़िया पुल पर वाहनों की एंट्री बैन, प्रशासन का सख्त आदेश, नहीं माने तो होगी कार्रवाई
नवादा (रवीन्द्र नाथ भैया) जिले के नवादा-जमुई स्टेट हाईवे पर धमौल थाना क्षेत्र के जम्हड़िया पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुल से भारी वाहनों और बड़ी बसों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुल के दोनों ओर बैरियर लगाकर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, जिससे किसी भी तरह के जोखिम को रोका जा सके।
जर्जर पुल पर प्रशासन की सख्ती:-
धमौल थाना क्षेत्र के जम्हड़िया स्थित पुल की स्थिति लंबे समय से चिंताजनक बनी हुई है. सड़क निर्माण विभाग ने पहले भी पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई थी, लेकिन कुछ वाहन चालकों द्वारा बैरियर तोड़कर आवागमन जारी रखा गया इससे पुल पर दबाव लगातार बढ़ता गया और स्थिति और गंभीर हो गई।
दोनों छोर पर लगाए गए मजबूत बैरियर:-
पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विभाग और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नए सिरे से मजबूत बैरियर लगाए हैं। साथ ही पुलिस बल को तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी प्रतिबंधित वाहन पुल से होकर नहीं गुजर सके।
दुर्घटना रोकने के लिए लिया गया फैसला:-
धमौल थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने बताया कि पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह निर्णय पूरी तरह जनहित और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसी भी संभावित हादसे से बचने के लिए भारी वाहनों और बड़ी बसों के आवागमन पर रोक लगाना जरूरी था।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई:-
प्रशासन ने वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
यात्रियों और कारोबारियों की बढ़ेंगी परेशानियां:-
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों पर पड़ने वाला है। भारी वाहनों को अब लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ेगी। इससे माल ढुलाई की लागत में वृद्धि होने की संभावना है।
ग्रामीण इलाकों का संपर्क हो सकता है प्रभावित:-
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर प्रतिबंध लगने से आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित होगा। बड़ी बसों का परिचालन बंद होने से यात्रियों को छोटे वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
श्रावणी मेला और धार्मिक यात्राओं पर भी असर:-
नवादा-जमुई स्टेट हाईवे बिहार को झारखंड और पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह प्रमुख संपर्क मार्ग माना जाता है। आगामी श्रावणी मेले के दौरान इस सड़क का महत्व और बढ़ जाता है, ऐसे में पुल पर लगी रोक का असर धार्मिक यात्राओं पर भी पड़ सकता है।
पर्यटन और तीर्थ स्थलों तक पहुंच होगी प्रभावित:-
यह मार्ग जैन धर्मावलंबियों के प्रसिद्ध तीर्थस्थल लछुआड़ समेत कई धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ता है। ऐसे में पुल पर प्रतिबंध से क्षेत्रीय आवागमन के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने उठाई पुल मरम्मत की मांग:-
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन तथा सड़क निर्माण विभाग से पुल की जल्द मरम्मत कराने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। फिलहाल प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

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