वर्दी सिर्फ नौकरी नहीं, 24 घंटे की जिम्मेदारी… राजगीर में DGP विनय कुमार ने पुलिसकर्मियों को दिया सेवा का मंत्र

रवि रंजन ।
नालन्दा / राजगीर: बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के स्थापना दिवस पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में बिहार के DGP विनय कुमार ने पुलिसकर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस की वर्दी सिर्फ नौकरी का हिस्सा नहीं, बल्कि 24 घंटे जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए DGP ने कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को हर परिस्थिति में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जनता की सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।

DGP विनय कुमार ने कहा कि जब कोई पुलिसकर्मी वर्दी पहनता है, तो उसे सबसे पहले खुद को जनता का सेवक समझना चाहिए। पुलिस की पहचान सिर्फ कानून लागू कराने वाली संस्था के तौर पर नहीं, बल्कि आम लोगों के भरोसे के रूप में भी है।
उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक भय से मुक्त होकर अनुशासन और पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करें। कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों को अपने निर्णयों में जिम्मेदारी और ईमानदारी का परिचय देना चाहिए।
DGP ने पुलिसकर्मियों की 24 घंटे की ड्यूटी का जिक्र करते हुए कहा कि साल में 12 महीने होते हैं, लेकिन पुलिसकर्मियों को 13 महीने की तनख्वाह इसलिए दी जाती है, क्योंकि उनकी ड्यूटी सामान्य नौकरी से अलग है। पुलिसकर्मी किसी भी समय जनता की सेवा के लिए तैयार रहते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी लगन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करें।
बिहार पुलिस अकादमी के स्थापना दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और जवानों के बीच DGP का संदेश साफ था—वर्दी सम्मान है, लेकिन उससे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति सेवा और जवाबदेही की है।



