
नवादा : जिले में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर नए हथकंडे का इस्तेमाल करते हुए लाखों रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। इस बार नगर के प्रसाद बिगहा मोहल्ला निवासी रूपेश कुमार निर्झर साइबर ठगों के जाल में फंस गए ।
साइबर ठगों ने उन्हें प्रतिष्ठित कंपनी एचसीएल का ऑनलाइन एग्जाम सेंटर उपलब्ध कराने का झांसा देकर दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 6 लाख 22 हजार 988 रुपये की ठगी कर ली ।
एचसीएल एग्जाम सेंटर के नाम पर ठगी:-
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूपेश कुमार निर्झर को वरदान सिंह और तुषार कुमार नामक व्यक्तियों ने संपर्क कर भरोसे में लिया और एचसीएल ऑनलाइन एग्जाम सेंटर दिलाने का आश्वासन दिया । आकर्षक प्रस्ताव और सुनियोजित बातचीत के जरिए ठगों ने उन्हें विश्वास में लेते हुए विभिन्न मदों में राशि जमा कराने को कहा । भरोसे के आधार पर पीड़ित ने बताए गए खातों में दो चरणों में कुल 6.22 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए ।
मोबाइल बंद होते ही हुआ ठगी का एहसास:-
राशि हस्तांतरित होने के बाद जब संबंधित लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनके मोबाइल फोन बंद मिले । इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ । मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तत्काल साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई तथा साइबर थाना नवादा पहुंचकर आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई ।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 1.80 लाख रुपये होल्ड:-
घटना के बाद साइबर पुलिस ने त्वरित सक्रियता दिखाते हुए संबंधित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ठगी गई राशि को ट्रैक करना शुरू किया । प्रारंभिक कार्रवाई में पुलिस 1 लाख 80 हजार रुपये की राशि को होल्ड कराने में सफल रही, जिसे अभी तक साइबर अपराधियों द्वारा निकाला नहीं गया था । इससे पीड़ित को आंशिक राहत मिलने की उम्मीद जगी है ।
साइबर थाना में दर्ज हुआ मामला:-
पीड़ित के आवेदन के आधार पर साइबर थाना में कांड दर्ज कर लिया गया है । पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन के आधार पर साइबर अपराधियों की पहचान तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच में जुट गई है ।
बढ़ता जा रहा साइबर अपराधियों का जाल:-
विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार, फ्रेंचाइजी, एग्जाम सेंटर, ऑनलाइन निवेश तथा सरकारी योजनाओं के नाम पर साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं । ऐसे में किसी भी प्रकार की राशि जमा करने से पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना आवश्यक है । वहीं किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन या निकटतम साइबर थाना से संपर्क करना नुकसान कम करने में सहायक साबित हो सकता है ।


